धन उगाही में खाद्य सुरक्षा अधिकारी और सुपरवाइजर निलंबित, जनवरी माह में वायरल हुए ऑडियो से खुली थीं भ्रष्टाचार की पोल

NEWS GURU पीडीडीयू नगर : शासन ने चंदौली में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक को निलंबित कर दिया है। कारोबारियों को डरा धमका कर और नमूनों को पास कराने का झांसा देकर धन वसूली करने और सील माल को गलत तरीके से खुलवाने के आरोप की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जनवरी के प्रथम सप्ताह में चकिया के व्यापारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद मामला सामने आया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीज की गई 215 बोरी सूजी और मैदा खपाने की सलाह व्यापारी को दे रहे थे। यह आश्वासन भी दिया था कि यदि कोई कार्रवाई होगी तो वह सूचना दे देंगे। यहां तक की सीज किए जाने की कार्रवाई को रद्द करवा देने का भी भरोसा दिया था।
खाद्य सुरक्षा अभिकारी और सुपरवाइजर ने लिए थे रुपए
आरोप था कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सील खुलवाने और टीम के आने पर सूचना देने के नाम पर 51 हजार रुपये लिए थे। वहीं सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक ने दस हजार रुपये लिए थे। अधिकारी के आश्वासन पर व्यापारी ने माल बेच दिया था। इस मामले में ऑडियो वायरल होने के बाद जांच की गई। विंध्याचल मंडल के सहायक आयुक्त खाद्य प्रथम ने चंदौली आकर व्यापारी का बयान भी लिया था। व्यापारी ने कई साक्ष्य अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए थे। व्यापारी के बयान और साक्ष्यों के आधार पर भेजी गई रिपार्ट पर शासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइर गणपति पाठक को निलंबित कर दिया गया है।
व्यापारी ने कही ये बात
चकिया के व्यापारी संदीप कुमार केशरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम आकर पहले माल सीज कर देती है। वहीं उसी के विभाग के अधिकारी आकर रुपये लेकर सीज माल खोलकर बेचने के लिए कहते हैं।
इसके एवज में उन्होंने रुपये लिए थे। जब हमने माल बेच दिया तो विभाग ने कार्रवाई कर दी। आरोपी अधिकारी का ऑडियो और वीडियो उनके पास था। प्रकरण की जांच कर रहे अधिकारी को सभी साक्ष्य दिए गए थे।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ये कहा
जांच के बाद भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर शासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक को निलंबित कर दिया गया है। केएन त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, चंदौली



