चिप लगाकर होता है घटौली का खेल ! शक हो तो दुकानदार से मांगिए टेस्ट बाट

NEWS GUURU पीडीडीयू नगर : सब्जी और फल से लेकर परचून तक की दुकानों में लोहे के बाट के स्थान पर अब इलेक्ट्रानिक तराजू का इस्तेमाल हो रहा है। जांच में इलेक्ट्रानिक तराजू के जरिये घटतौली के मामले कई बार सामने आ चुके है।ऐसे में यदि आपको इलेक्ट्रानिक तराजू पर शक हो तो दुकानदार से टेस्ट वाट की मांग करें। कई दुकानदार टेस्ट बाट नहीं रखते। पिछले 9 महीने में जिले में बाट माप विभाग ने 2000 दुकानदारों की जांच की तो 150 के पास टेस्ट बाट नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रानिक तराजू में चिप लगाकर घटतौली का खेल होता है ।
जिले के विधिक माप विज्ञान विभाग (बाट माप) में 32 हजार दुकानदार पंजीकृत हैं। इनमें से 25 हजार दुकानदारों के पास इलेक्ट्रानिक तराजू है। सख्ती के बाद भी कई दुकानदार घटतौली कर रहे हैं। वाट-माप विभाग ने पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक 2000 दुकानदारों के वाट, इलेक्ट्रानिक तराजू की जांच की थी। इनमें 150 दुकानदारों के पास टेस्ट बाट नहीं मिले थे। ऐसे दुकानदारों पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा पैकेट्स पर निर्माता, इपोर्टरका नाम पता नहीं होने, पैकिंग तिथि, मूल्य, कस्टमर केयर नंबर आदि दर्ज नहीं होने पर 380 दुकानदारों से 15.50 लाख का जुर्माना वसूला गया था।
सर्किट बोर्ड में छेड़छाड़ कर होता है घटतौली
इलेक्ट्रानिक तराजू में प्रोग्रामिंग चिप के सहारे घटतौली की जा रही है। प्रदेश स्तर पर चलाए गए जांच अभियान में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक तराजू के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड में ऐसी प्रोग्रामिंग की जाती है, जिससे उसे दो अलग-अलग मानक पर सेट किया जा सके। इसे गोपनीय बटन या रिमोट से पलक झपकते बदला जा सकता है। तौल के दौरान शंका होने पर जब ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक तराजू का सत्यापन करने को कहता है तो दुकानदार रिमोट से उसे सही मानक पर सेट कर देते हैं। ग्राहक के संतुष्ट होने पर वह फिर रिमोट या गोपनीय बटन से उसे घटतौली के मानक पर सेट कर देते हैं।
माप तौल यंत्रों का सत्यापन होगा ऑनलाइन शासन ने मापतौल यंत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी है। 50 किलो से ज्यादा क्षमता वाले मापतौल यंत्रों का सत्यापन ऑनलाइन कराना पड़ेगा। इससे व्यापारियों को भागदौड़ से निजात मिल जाएगी। जिले में एक हजार व्यापारियों ने सत्यापन के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया है।
पत्थर से तौला सामान तो लगेगा जुर्माना
जिले में कई कई फेरी-पटरी वाले अभी भी ईंट पत्थर से सामान तौल रहे हैं। इनमें फल और सब्जी विक्रेताओं की संख्या ज्यादा है। जिला बाटमाप अधिकारी एनपी दूबे ने बताया कि पत्थर से सामान तौलने वालों पर दो हजार से 25 हजार रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
———————————————————
जिले में दो हजार दुकानदारों की जांच की गई है। इनमें 150 दुकानदारों के पास टेस्ट बाट नहीं मिले। ऐसे दुकानदारों से जुर्माना वसूला गया है। जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। – एनपी दूबे, जिला बाट-माप अधिकारी



