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बड़े अधिकारी की ना करना बेगारी, कोतवाल की कुर्सी पर पड़ी भारी, पढ़िए होटल के कमरे का कुर्सी कनेक्शन…! स्वतंत्र एजेंसी से हुई जांच तो खुल जाएंगी कई परतें

NEWS GURU पीडीडीयू नगर : मुगलसराय कोतवाली के सेमरा गांव में जुए के सिंडिकेट का भंडाफोड़  होने के बाद मुग्सलराय कोतवाल संतोष सिंह को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी, वही जलीलपुर पुलिस चौकी प्रभारी अभिषेक शुक्ला का चकिया ट्रांसफर कर दिया गया ।  इस कार्रवाई के बाद से माहौल गर्म हो गया है। सूत्र बताते है कि एक अधिकारी की बेगारी ना करना कहीं ना कहीं कोतवाल की कुर्सी पर भारी पड़ा गया हैं।

जानिए क्या है , कुर्सी का होटल कनेक्शन…

सूत्र बताते है कि पिछले दो साल से एक बड़े अधिकारी के होटल प्रेम का दवाब मुगलसराय कोतवाली से लेकर जलीलपुर पुलिस चौकी के प्रभारियों पर पड़ रहा था। चंदौली जिले की सीमा पर स्थित उस होटल में बड़े अधिकारी के गेस्ट रुकते थे । सूत्र बताते है कि पिछले दिनों बड़े अधिकारी द्वारा होटल में कुछ कमरे बुक करवाने के निर्देश मिले थे, बड़े अधिकारी के निर्देश के पालन में चूक मुग्सलराय कोतवाली की कुर्सी ओर भारी पड़ गई।

वॉट्सएप चैट और होटल का रिकॉर्ड खोल देगा राज

सूत्र बताते है कि बड़े अधिकारी के मातहत कार्य करने वाले कुछ खास लोग मुगलसराय और जलीलपुर पुलिस चौकी के प्रभारी को वाट्सअप के माध्यम से अधिकारी की रिक्वायरमेंट भेजते थे, इसके बाद कोतवाली पुलिस बड़े अधिकारी के मेहमानों की आवभगत में लग जाती थी,  सूत्रों के अनुसार एक साल में 60 से अधिक कमरे जिले की सीमा पर स्थित होटल में बुक हुए है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की वॉट्सएप चैट और होटल के रिकॉर्ड के अलावा उन बुकिंग के सापेक्ष की गई पेमेंट के रिकॉर्ड  खंगाला जाए तो पूरी तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी । हालांकि मामला बड़े अधिकारी से जुड़ा होने कारण इस पर कोई भी मुंह नहीं खोलेगा, वही वाट्सअप चैट भी डिलीट होने की संभावना है। राज्य स्तरीय जांच एजेंसी इस मामले में जांच करे तो तलहटी में जमी सारी परतें खुद ब खुद सामने आ जाएंगी । सूत्र बताते है कि होटल के पास इस बात का पूरा रिकॉर्ड की कब कब किस अधिकारी के गेस्ट वहां रुके है ।

होटल का रुपया भी बकाया.

विश्वस्त सूत्र बताते है कि पिछले कई महीने में बड़े अधिकारी के मेहमानों के लिए बुक किए गए कमरे का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है । लगभग एक लाख रूपये से अधिक की राशि खाकी पर बाकी है। 

क्षेत्र में कई सालों से चल रहा था जुए का सिंडिकेट

सूत्र बताते है कि पड़ाव क्षेत्र में कई सालों से जुए का सिंडिकेट चल रहा था । चंदौली के अलावा वाराणसी की सीमा में जुए का खेल हो रहा था। सूत्रों बताते है कि बड़े अधिकारी के बेगारी की नाफरमानी के बाद जुए के सिंडिकेट पर रेड हुई और उसके बाद कोतवाल को कुर्सी गंवानी पड़ी और चौकी प्रभारी को ट्रांसफर किया गया । यहां एक सवाल लोगों के मन में कौंध रहा है कि अक्सर ये देखा गया है कि चौकी क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधि के लिए चौकी प्रभारी को लाइन हाज़िर या फिर अन्य कारवाई की जाती रही है लेकिन इस मामलें चौकी प्रभारी को ट्रांसफर और कोतवाल को लाइन हाज़िर कर दिया गया है…आम जनमानस में चर्चा का विषय बनी हुई है ।  हालांकि देवता यादव के पॉलिटिकल कनेक्शन किसी से छिपे नहीं है । चर्चा है कि बड़े पॉलिटिकल कनेक्शन के चलते इनामिया देवता की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है । इधर कोतवाल को कुर्सी गंवानी पड़ी वही देवता पुलिस की पकड़ से बाहर है ।

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