पीडीडीयू नगर से विदेशों में साइबर ठगी का खेल ! पुलिस आज कर सकती है खुलासा

कैलाशपुरी में अवैध कॉल सेंटर पर पुलिस की छापेमारी, विदेशों में साइबर ठगी के खेल
NEWS GUURU पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के पीडीडीयू नगर स्थित कैलाशपुरी मोड़ के पास मंगलवार को एक बिल्डिंग के तीसरे तल पर चल रहे अवैध कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापेमारी की। सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और मुगलसराय कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मौके से कंप्यूटर और लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। कॉल सेंटर में काम कर रहे पांच युवकों को पुलिस ने पूछताछ के लिए अपने कब्जे में लिया। हालांकि संचालक मौके से फरार हो गया है ।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को आशंका है कि कॉल सेंटर की आड़ में विदेशों में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यहां से लंदन, अमेरिका, जापान समेत अन्य देशों में कॉल कर लोगों को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाया जाता था। पुलिस आज इस मामले में खुलासा कर सकती है।
बताया जा रहा है कि यह कॉल सेंटर पिछले करीब छह महीने से किराये के भवन में संचालित हो रहा था। मंगलवार दोपहर पुलिस टीम अचानक मौके पर पहुंची तो आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। टीम तीसरे तल पर पहुंची और कमरे को अंदर से बंद कर युवकों से पूछताछ शुरू कर दी। रात लगभग साढ़े दस बजे तक पुलिस युवकों से पूछताछ करती रही । बाद में उन्हें एक गाड़ी में बैठकर पुलिस सभी को कोतवाली ले आई।
ऐसे होता था ठगी का खेल
भारत में बैठकर विदेशों में ठगी का खेल को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया जाता था। सूत्र बताते है कि विदेशों में बैठे लोगों के मोबाइल एक मैसेज जाता है, जिसमें उन्हें यह बताने कोशिश होती है कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल में गड़बड़ी आ गई, मेसेज में लिंक एक लिंक होता था, जिससे पर क्लिक करके वे कस्टमर केयर के जरिए समस्या का हल प्राप्त कर सकते है। यूजर द्वारा कॉल करने ओर वो फोन कंपनी के कॉल सेंटर पर ना जाकर यहां कनेक्ट हो जाता था। इसके बाद शुरू हो जाता था साइबर ठगी का खेल..
विदेशी एक्सेंट (Accent) में बात करने में माहिर
कॉल कनेक्ट करने में बाद भारत में कॉल सेंटर में बात करने वाले युवक विदेशी एक्सेंट (Accent) में बात करने में काफी माहिर होते है। उसने वार्ता के दौरान पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है । इस विधा का इस्तेमाल कर विदेशी ग्राहकों से शुरू हो जाता था ठगी का खेल।
ठगी के बाद विदेशों से ऐसे आते हैं रूपये
सूत्रों के अनुसार, साइबर ठगी से मिलने वाली रकम पहले विदेशों में खातों में ट्रांसफर किए जाने और इसके बाद कई स्तरों पर रकम का स्थानांतरण होती है । रकम ट्रांसफर करने के खेल में साइबर ठग, ठगी के रुपयों के जरिए गिफ्ट कार्ड भी खरीद लेते थे । बाद में उस गिफ्ट कार्ड को बाजार से कम मूल्य में ऑनलाइन ही बेच दिया जाता है । सूत्र बताते है कि इस पूरे खेल में रकम ट्रांसफर के काम में चाइना के लोगों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है । इसमें रुपए मंगवाने में हवाला का भी इस्तेमाल होने की बात सामने आई है । विदेशों से हवाला के जरिए कोलकाता और फिर जिले में रुपए आने की संभावना है । हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है ।



