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आठ माह, तीन गिरफ्तारियां, हत्या में शामिल शूटर गिरफ्त से बाहर, अनसुलझी है रोहिताश पाल हत्याकांड की कहानी, परिवार को न्याय का इंतजार

18 नवंबर 2025 को हुई थी प्रमुख दवा व्यवसायी की हत्या, परिवार मुख्यमंत्री तक लगा चुका है गुहार, नामजद आरोपी जमानत पर बाहर, शूटर अब भी फरार।

NEWS GUURU पीडीडीयू नगर ।  जिले के चर्चित प्रमुख दवा व्यवसायी रोहिताश पाल हत्याकांड को आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस इस सनसनीखेज वारदात का पूरा खुलासा नहीं कर सकी है। घटना के दौरान हुडी पहने शूटर की तस्वीर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से कैद होने के बावजूद पुलिस आज तक उसकी पहचान कर गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

फाइल फोटो : रोहिताश पाल

18 नवंबर 2025 को हुई इस हत्या ने जिले से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलचल पैदा कर दी थी। घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। सभी ने दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। दवा व्यवसायियों ने भी विरोध प्रदर्शन कर पुलिस पर दबाव बनाया था, लेकिन समय बीतने के साथ मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है।

आठ महीने बाद स्थिति यह है कि न तो शूटरों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही परिवार को न्याय मिलने की कोई उम्मीद दिखाई दे रही है। शुरुआत में मुखर रहने वाले दवा व्यवसायियों की आवाज भी अब शांत हो चुकी है। राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी इस मामले का जिक्र करना लगभग बंद कर दिया है।

इधर, रोहिताश पाल का परिवार लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। परिजन मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं। मृतक के छोटे भाई ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार पोस्ट कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है , ओ कहीं न कहीं पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करती है। 

जांच के दौरान पुलिस ने वाराणसी निवासी भानु जायसवाल तथा पीडीडीयू नगर के मनोज जायसवाल और ओमप्रकाश जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि, वर्तमान में तीनों आरोपी जमानत पर बाहर हैं। वहीं, हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिससे इस चर्चित हत्याकांड की गुत्थी और उलझती जा रही है।

जिले में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि जब सीसीटीवी फुटेज में शूटर की तस्वीर मौजूद है, तब भी आखिर आठ महीने बाद तक पुलिस उसके गिरेबान तक क्यों नहीं पहुंच सकी। अब पीड़ित परिवार को केवल इस बात का इंतजार है कि कब रोहिताश पाल के हत्यारे कानून के शिकंजे में आएंगे और उन्हें न्याय मिलेगा।

रोहिताश पाल की हत्या के मामले में साजिशकर्ता के रूप में तीन लोगों को जेल तो भेज दिया था, घटना के पीछे जमीन को वजह भी बताया गया, सवाल वहीं खड़ा है यदि तीनों ने शूटर हायर किए थे तो पुलिस अब तक उन तक क्यों नहीं पहुंच पाई है । पुलिस तीनों आरोपियों से शूटर की पहचान क्यों नहीं पता करा पाई। हत्याकांड के पीछे शामिल लोगों शूटर ही मोहर लगा सकते है जो कि पुलिस की गिरफ्त से बाहर है ।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल में बताया कि कुछ लीड मिली है, जिनपर कार्य चल रहा है ।

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