उत्तर प्रदेशचंदौली

कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की सख्ती, 15 मानकों की होगी जांच, एनओसी के बिना नहीं मिलेगी मान्यता

NEWS GUURU चंदौली :  जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों और डिजिटल लाइब्रेरी पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। अब किसी भी कोचिंग संस्थान को अग्निशमन विभाग और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के साथ निर्धारित सुरक्षा एवं संचालन संबंधी मानकों का पालन करने के बाद ही शिक्षा विभाग से मान्यता मिल सकेगी। एक सप्ताह बाद शुरू होने वाले विशेष अभियान में 15 बिंदुओं पर संस्थानों की जांच की जाएगी। मानक पूरे नहीं मिलने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

जिले में दो सौ से अधिक कोचिंग सेंटर और डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं। हाल ही में लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अग्निशमन विभाग और वीडीए की संयुक्त जांच में पहले ही 17 कोचिंग सेंटर और डिजिटल लाइब्रेरी में मानकों की कमी मिलने पर उन्हें सील किया जा चुका है।

इसके बाद शिक्षा विभाग ने कोचिंग संचालकों की बैठक बुलाकर सुरक्षा और संचालन से जुड़े 15 अनिवार्य मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। संस्थानों को कमियों को दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद गठित निरीक्षण समिति मौके पर पहुंचकर सभी बिंदुओं का सत्यापन करेगी।

इन 15 बिंदुओं पर होगी जांच

निरीक्षण के दौरान कोचिंग एवं डिजिटल लाइब्रेरी का पंजीकरण प्रमाण-पत्र और उसकी वैधता, प्रशिक्षण एवं शिक्षणेत्तर अभिलेख, छात्रों का पंजीकरण रजिस्टर, फीस रसीदों का रिकॉर्ड तथा कर्मचारियों के भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच होगी।

इसके अलावा परिसर में कार्यशील सीसीटीवी कैमरे, कम से कम 15 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, वैध अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित पार्किंग एवं प्रवेश-निकास मार्ग, पर्याप्त प्रकाश और वेंटिलेशन, क्षमता के अनुरूप फर्नीचर, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट एवं निकासी योजना, शिकायत एवं सुझाव पेटिका तथा शिकायत निस्तारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया जाएगा। जताई है।

पार्किंग बनेगी चुनौती

जिले के अधिकांश कोचिंग सेंटर्स और डिजिटल लाइब्रेरी संचालकों के पास साईकिल और मोटरसाइकिल पार्किंग को लेकर कोई जगह नहीं है । दरअसल अधिकतर कोचिंग सेंटर पुराने और किराए के भवनों में चलते है । कॉमर्शियल रूप से भवनों के नहीं बने होने के कारण वहां पार्किंग की सुविधा नहीं है । इसके चलते छात्रों छात्राओं की बाइक ओर साइकिल सड़क या फिर गलियों में खड़ी रहती है ।

अधिकारी बोले

जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सभी कोचिंग संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह बाद विशेष अभियान चलाकर संस्थानों की जांच की जाएगी। जो संस्थान तय मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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