सुभाष नगर तालाब विवाद ने पकड़ा तूल, सभासद ने सात अन्य तालाबों से अतिक्रमण हटाने की उठाई मांग , लोगो ने सीमांकन पर उठाए सवाल

—आराजी संख्या 219 के सीमांकन पर भी उठे सवाल, क्षेत्रवासियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; स्थायी बिंदु से पैमाइश कराने की मांग
NEWS GUURU पीडीडीयू नगर । सुभाष नगर में तालाबों पर अतिक्रमण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अब वार्ड सभासद आरती यादव ने एसडीएम को ज्ञापन देकर बेचूपुर स्थित सात अन्य तालाबों का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर आराजी संख्या 219 पर ध्वस्तीकरण नोटिस मिलने के बाद क्षेत्रवासियों ने भी राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सीमांकन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है । लोगों का आरोप है कि तालाब की भूमि की पैमाइश नियमानुसार स्थायी बिंदु से नहीं कराई जा रही, जिससे भेदभावपूर्ण कार्रवाई की जा रही है।

क्षेत्रवासियों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि आराजी संख्या 219 वास्तव में तालाब की भूमि है तो उस पर वर्षों पहले दखिल-खारिज कैसे हो गया । सीमांकन को लेकर लोगों ने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 21 और 24 के तहत सीमांकन स्थायी बिंदु से होना चाहिए। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के याचिका संख्या 7108/2021 (विनोद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि भूमि और पोखरे का सीमांकन स्थायी बिंदु से किए जाने के स्पष्ट निर्देश हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि आराजी संख्या 219 की पैमाइश दक्षिण दिशा में स्थित रेलवे लाइन को स्थायी बिंदु मानकर कराई जाए। साथ ही सुभाष नगर के अन्य तालाबों का भी सीमांकन कराया जाए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। ज्ञापन देने वालों में रवि प्रकाश यादव, मनोज कुमार सिंह, नितिश कुमार सिंह, सतीश गुप्ता, रोमा सिंह, अनिल कुमार, अंशुमन उपाध्याय, आशा रानी, अनीता सिंह समेत अन्य लोग शामिल रहे।
वार्ड सभासद आरती यादव ने अपने ज्ञापन में कहा कि कार्रवाई केवल आराजी संख्या 219 तक सीमित न रहे। उन्होंने बेचूपुर स्थित आराजी संख्या 178/1, 46, 119/2, 120, 123/6, 147/12 और 245/1 समेत अन्य तालाबों का भी सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।

एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने सीमांकन के मामलें में बताया कि जो आपत्ति आ रही है सभी का सावधानी पूर्वक, कानूनी तरीके से निस्तारण किया जायेगा। सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी।


