उत्तर प्रदेशक्राइमचंदौली

अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ल पर विभागीय जांच, छह पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय

NEWS GUURU चन्दौली : अपराध नियंत्रण, गो-तस्करी पर प्रभावी अंकुश और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण को लेकर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। समीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही, शिथिलता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी सामने आने पर अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ल समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक एवं विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई की जद में दो थाना प्रभारी, तीन विवेचक और एक हेड मोहर्रिर आए हैं। पुलिस विभाग में हुई इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार विभिन्न थानों पर लंबित विवेचनाओं, निरोधात्मक कार्रवाई और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा में कई मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर विवेचना पूरी नहीं होने, गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई लंबित रखने तथा गो-तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियान न चलाने जैसी कमियां सामने आईं।

कन्दवा थाना प्रभारी और हेड मोहर्रिर पर जांच
थाना कन्दवा पर गो-वध निवारण अधिनियम एवं अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमों में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद आवश्यक पत्रावली समय से तैयार नहीं की गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए थानाध्यक्ष राजीव मल्ल और हेड मोहर्रिर मनोज सागर के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।

चन्दौली थाने के विवेचक पर भी कार्रवाई
निरीक्षक रामजीत यादव पर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में विवेचना को आगे न बढ़ाने, आवश्यक साक्ष्यों का सत्यापन न कराने और अन्य आरोपियों के संबंध में कार्रवाई न करने के आरोप पाए गए। इस पर उनके खिलाफ भी प्रारंभिक जांच बैठाई गई है।

नाबालिग अपहरण मामले में शिथिलता
शहाबगंज थाने में दर्ज नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विवेचना का निस्तारण नहीं किए जाने पर उपनिरीक्षक प्रेमचन्द्र सिंह के विरुद्ध जांच के आदेश हुए हैं।

संवेदनशील मामले की विवेचना में देरी
अलीनगर थाने में महिला की तहरीर पर दर्ज गंभीर धाराओं वाले मुकदमे में अपेक्षित प्रगति न मिलने और साक्ष्य संकलन में लापरवाही पाए जाने पर विवेचक निरीक्षक दयाराम गौतम के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। अलीनगर थाना प्रभारी पर विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की समीक्षा में पाया गया कि अलीनगर थाना क्षेत्र में गोवंश तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई का अभाव रहा। जबकि जनपद के अन्य थानों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे थे। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता और निष्क्रियता मानते हुए प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ल के खिलाफ प्रारंभिक और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

एसपी ने दिए सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित विवेचनाओं, न्यायालय संबंधी प्रकरणों और निरोधात्मक कार्रवाई की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में लापरवाही, शिथिलता या आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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