सड़क चौड़ीकरण : दुकानें टूटी तो बिखर गए कामगारों के सपने , कामगारों की आंखों में चिंता, अब कैसे जलेगा घर का चूल्हा

NEWS GUURU पीडीडीयू नगर : नगर में सड़क चौड़ीकरण की जद में आई दुकानों के निर्माण को तोड़े जाने का कार्य जोरों पर है। सड़क चौड़ीकरण कर वाहनों के पहियों को तेज घुमाने की कवायद अधिकारियों ने तेज कर दी है। वहीं दूसरी तरफ चौड़ीकरण ने दुकानदारों के साथ उनके यहां काम करने वाले कामगारों के समक्ष भी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है।
पीडीडीयू नगर में जीटी रोड पर उतरी और दक्षिणी पटरी पर चौड़ीकरण की जद में 250 से 300 दुकानें स्थित हैं। इनमें से दक्षिण पटरी पर 50 से 70 दुकानें पूरी तरह से समाप्त होने के कगार पर है। ऐसे में 400 से अधिक कामगारों के हाथों से रोजगार पूरी तरह से छिन गया है। प्रशासन की जेसीबी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे दुकानदारों के साथ वहां काम करने वाले मजदूरों की उम्मीदें भी मलबे में तब्दील होती जा रही हैं। दुकान मालिकों की आंखों में भविष्य की चिंता साफ दिखाई दे रही है, लेकिन सबसे ज्यादा दर्द उन कामगारों के चेहरे पर है, जिनके घर का चूल्हा इन्हीं दुकानों से जलता था।
इन दुकानों में काम करते हुए कई मजूदरों से 20 से 22 साल का वक्त बीत चुका है। कई ऐसे भी कामगार मिले जो अपने परिवार में इकलौते हैं, जो कमाते है तो परिवार खाता है।
विंदेश्वरी प्रसाद निराला ने बताया कि नगर में दक्षिण पटरी पर स्थित जूते की दुकान में काम करते हुए लंबा समय हो गया है। दुकान को टूटता देख खुद के दिल पर भी हथौड़े चल रहे है। सबसे बड़ी समस्या पेट पालने की हो गई है। दो बच्चे है, पूरा बाजार टूट रहा है तो ऐसे में किसके यहां काम मांगने जाएं समझ नहीं आ रहा है।
अलीयार साहू बताते है कि पीडीडीयू नगर में कपड़े की दुकान में काम करते हुए 23 साल बीत चुके है। अभी एक बच्चे की शादी करनी है। काम नहीं मिल रहा है। सबसे बड़ा संकट जीवकोपार्जन का खड़ा हो गया है। कई लोगों ने अपने यहां से छंटनी भी कर दी है। काम के लिए कहां जाएं समझा नहीं आ रहा है।
गणेश शर्मा ने बताया कि 22 साल से जिस दुकान पर काम किया वो अब टूट रही है। कभी सोचा भी नहीं था कि नगर में ऐसा मंजर देखने को मिलेगा, छोटे-छोट बच्चे है। कहीं अन्य जगह काम मिल नहीं रहा है।
अयान ने बताया कि पीडीडीयू नगर में काफी समय से चाय की दुकान पर काम रहा हूं। मेरे पिता मुबंई में काम करते है। घर चलाने की जिम्मेदारी मेरी है। दो छोटे भाई और एक बहन है। दूसरी जगह काम मांगने जा रहा हूं तो कोई काम नहीं दे रहा है।



