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अलीनगर थानाध्यक्ष और विवेचक पर कोर्ट सख्त, रिपोर्ट व केस डायरी न देने पर कार्रवाई की संस्तुति


NEWS GUURU चंदौली : अलीनगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने थाना अलीनगर के थानाध्यक्ष और विवेचक के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायालय ने रिपोर्ट, केस डायरी और अन्य आवश्यक अभिलेख समय पर प्रस्तुत न किए जाने को अत्यंत आपत्तिजनक मानते हुए अलीनगर थानाध्यक्ष और विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज का आदेश दिया है ।

चंदौली जिला सत्र न्यायालय के अधिवक्ता दिलीप सिंह ने बताया कि अभियुक्त मुकेश कुमार चौहान सहित अन्य लोगों की ओर से 16 मई 2026 को अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के लिए पहले 22 मई, फिर 27 मई और उसके बाद 1 जून 2026 की तिथि नियत की गई थी, लेकिन हर बार थाना स्तर से आख्या और केस डायरी उपलब्ध न कराए जाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।

अधिवक्ता दिलीप सिंह के अनुसार, न्यायालय ने पूर्व में ही अभियोजन पक्ष को स्पष्ट कर दिया था कि 1 जून के बाद और अवसर नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद आवश्यक अभिलेख न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए गए। 3 जून 2026 को सुनवाई के दौरान भी थाना अलीनगर से आख्या, केस डायरी उपलब्ध नहीं कराई गई।

उन्होंने बताया कि न्यायालय ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आदेश दिया है कि संबंधित सभी अभिलेख 4 जून 2026 तक हर हाल में प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही थाना अलीनगर के थानाध्यक्ष और मामले के विवेचक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक चंदौली, डीआईजी, आईजी और डीजीपी को पत्र जारी किए जाने का निर्देश दिया गया है।

अधिवक्ता दिलीप सिंह ने बताया कि न्यायालय ने थानाध्यक्ष और विवेचक की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज किए जाने संबंधी पत्र भी उच्च अधिकारियों को भेजने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 जून 2026 को निर्धारित की गई है, जहां अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की जाएगी।

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