तीन हत्याओं के आरोपी गुरप्रीत सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मौत की होगी मजिस्ट्रियल जांच, एडीएम न्यायिक को मिली जिम्मेदारी

NEWS GUURU पीडीडीयू नगर। सकलडीहा थाना क्षेत्र के दरियापुर रेलवे लाइन के पास 11 मई को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गुरप्रीत सिंह पुत्र तरसेम सिंह की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) रतन वर्मा को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
यह जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश और शासन के आदेश के तहत कराई जा रही है। पुलिस कार्रवाई में होने वाली मृत्यु के प्रत्येक मामले में 45 दिनों के भीतर मजिस्ट्रियल जांच कराने के निर्देश हैं। इसी क्रम में गुरप्रीत सिंह की मौत की घटना की जांच शुरू की गई है।
रेलवे लाइन के पास हुई थी मुठभेड़
बताया गया कि 11 मई को सीन रिक्रिएशन के दौरान थाना सकलडीहा क्षेत्र के दरियापुर रेलवे लाइन के पास अलीनगर पुलिस, जीआरपी डीडीयू नगर और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ हुई थी। इसमें गुरप्रीत सिंह की मौत हो गई थी। घटना के बाद मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
तीन लोगों की हत्या का था आरोप
पुलिस के अनुसार गुरप्रीत सिंह पर लगातार दो दिनों में तीन लोगों की हत्या करने का आरोप था। आरोप है कि 10 मई की सुबह उसने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर निवासी मंगरू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसी रात जम्मूतवी एक्सप्रेस में बिहार के गया निवासी दिनेश साहू की गोली मारकर हत्या किए जाने का आरोप लगा।
इसके बाद 11 मई की सुबह वह मुगलसराय स्थित जीवक अस्पताल पहुंचा था। पुलिस के अनुसार अस्पताल में भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे मुठभेड़ में मार गिराया था।
सेना से रिटायर हुआ था गुरप्रीत
पुलिस के मुताबिक गुरप्रीत सिंह वर्ष 2021 में सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। वह पंजाब के तरनतारन जिले के बेरोवाल थाना क्षेत्र के तरहतुचक गांव का रहने वाला था। परिवार में उसकी पत्नी रमनजीत कौर, 17 वर्षीय बेटी और 14 वर्षीय बेटा है।
प्रशासन के अनुसार मजिस्ट्रियल जांच में मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शासन को भेजी जाएगी।



