तमिलनाडु में यूपी के जांबाज़ों का जलवा, जेबी कराटे क्लब ने लहराया परचम

— नेशनल कराटे टूर्नामेंट में 7 स्वर्ण और 2 रजत पदक, सूर्यकांत, सौरभ और गौरव बने नेशनल चैंपियन
NEWS GUURU पीडीडीयू नगर । तमिलनाडु के इडप्पाडी शहर में 25 और 26 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय नेशनल कराटे चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया। क्यूकुशीन कराटे के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जेबी कराटे क्लब के खिलाड़ियों ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 2 रजत पदक अपने नाम किए।

देशभर से पहुंचे खिलाड़ियों के बीच जेबी कराटे क्लब के खिलाड़ियों ने अनुशासन, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत दर्ज की। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
कुमिते स्पारिंग में तीन खिलाड़ी बने नेशनल चैंपियन
वेट कैटेगरी कुमिते स्पारिंग मुकाबलों में सूर्यकांत, सौरभ शाव और गौरव शाव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता और अपनी-अपनी श्रेणी में नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
काता प्रतियोगिता में भी रहा क्लब का दबदबा
काता प्रतियोगिता में भी जेबी कराटे क्लब के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। जूनियर वर्ग में लक्ष्य मिश्रा और सृष्टि कुमारी ने स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं सीनियर वर्ग में प्रिंस गोयल और छोटू कुमार ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके अलावा अंश पांडे और सरकार कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया।
कोच बोले— मेहनत और अनुशासन का मिला पुरस्कार
जेबी कराटे क्लब के कोच सुनील सिंह ने खिलाड़ियों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने कई महीनों तक कठिन प्रशिक्षण लिया, जिसका परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिला। उन्होंने विश्वास जताया कि क्लब के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिली इस सफलता के बाद खिलाड़ियों के परिजनों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। लोगों ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जेबी कराटे क्लब के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रतिभा, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय मंच पर बड़ी पहचान बना सकते हैं।



