पीडब्ल्यूडी के निर्देश, कार्यदाई संस्था का काम और जनता बेहाल! महीनेभर में लीक हुई पाइपलाइन

नई पाइपलाइन, पुरानी परेशानी! लीकेज से सड़क पर बना गड्ढा, राहगीरों के लिए बना मुसीबत का सबब
NEWS GUURU पीडीडीयू नगर। सरकारी काम की गुणवत्ता और जिम्मेदारी की तस्वीर देखनी हो तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सुभाष पार्क से जुड़े पानी की पाइपलाइन के पास पहुंच जाइए। यहां एक माह भी नहीं बीता और नई जोड़ी गई पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो गया। नतीजा यह कि पानी सड़क किनारे बने गड्ढे में भर रहा है और राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।
सुभाष पार्क स्थित पानी की टंकी से कैलाशपुरी, रविनगर, पराहुपुर और परेल नगर क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए जीटी रोड की उतरी पटरी के किनारे पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिकारी के निर्देश पर कार्यदाई संस्था की ओर से पानी की पाइपलाइन जोड़ी गई थी। पाइपलाइन बिछे अभी ठीक से एक महीना भी नहीं गुजरा था कि इसमें लीकेज की समस्या सामने आ गई।

पानी का लीकेज बना सड़क का ‘स्थायी तालाब’
लीकेज से निकल रहा पानी सड़क के किनारे बने गड्ढे में जमा हो रहा है। धीरे-धीरे गड्ढे की स्थिति ऐसी हो गई है कि वाहन चालकों के लिए उसे पार करना जोखिम भरा हो गया है। खासकर बाइक और ई-रिक्शा चालकों को यहां से गुजरते समय काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार बाइक और ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचे हैं। जलभराव के कारण गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

विभागों की जिम्मेदारी के बीच फंसी जनता
विडंबना यह है कि पाइपलाइन पीडब्ल्यूडी विभाग के निर्देश पर कार्यदाई संस्था ने जोड़ी, जबकि सड़क पर हो रही इस परेशानी से नगर पालिका भी प्रभावित है। लीकेज की मरम्मत और सड़क की स्थिति सुधारने को लेकर विभागों के बीच जिम्मेदारी का पेंच नजर आ रहा है।
सवाल यह है कि आखिर जनता किस विभाग का दरवाजा खटखटाए?
नई पाइपलाइन इतनी जल्दी लीक क्यों हुई? काम की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई? लीकेज सामने आने के बाद इसकी मरम्मत में देरी क्यों हो रही है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
‘काम खत्म’ होते ही खत्म हो गई जिम्मेदारी?
सरकारी विकास कार्यों में अक्सर काम पूरा होने के साथ ही जिम्मेदारी भी पूरी मान ली जाती है। यहां भी हालात कुछ ऐसे ही नजर आ रहे हैं। पाइपलाइन जुड़ गई, पानी की आपूर्ति शुरू हो गई और अब लीकेज से सड़क खराब हो रही है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल सरकारी तंत्र की खामोशी से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। एक महीने पुरानी पाइपलाइन अगर अभी से सड़क पर गड्ढा और जलभराव पैदा करने लगे तो सवाल सिर्फ लीकेज का नहीं, बल्कि सरकारी काम की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही का भी है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से तत्काल लीकेज दुरुस्त कराने, गड्ढे को भरने और सड़क को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाने की मांग की है।
इस बाबत पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजेश कुमार ने बताया कि लीकेज को जल्द ही सही करवा दिया जाएगा ।



