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आंखों से नहीं, हौसलों से सपने देखते हैं ये बच्चे… एसपी ने सुनीं दिल की बातें, कहा- प्रतिभा किसी कमी की मोहताज नहीं

NEWS GUURU चन्दौली। आंखों की रोशनी भले ही साथ न हो, लेकिन सपनों की चमक इन बच्चों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। कोई संगीत में अपना भविष्य देख रहा था तो कोई पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का सपना संजोए था। विश्व दृष्टि दिवस पर पुलिस लाइन चंदौली में आयोजित कार्यक्रम में जब दृष्टिबाधित बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया तो माहौल भावुक हो उठा। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बच्चों के बीच पहुंचकर न सिर्फ उनका उत्साह बढ़ाया, बल्कि उनके सपनों, रुचियों और भविष्य की योजनाओं को भी करीब से जाना।

विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर चंदौली पुलिस की ओर से मार्गदर्शी संस्था (अमर ज्योति सेवा केन्द्र, रवैहेरा) के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आंखों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ दृष्टिबाधित लोगों के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेत्रदान महादान’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत दृष्टिबाधित बच्चों के स्वागत गीत से हुई। बच्चों की मधुर और भावपूर्ण प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उनकी प्रतिभा देखकर पुलिस अधीक्षक ने खुले मन से उनकी सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।

बच्चों ने पूछे मासूम सवाल, एसपी ने जाना उनके सपनों का संसार

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पुलिस अधीक्षक से सहज और बाल-सुलभ अंदाज में कई सवाल पूछे। एसपी ने भी उनके बीच बिल्कुल आत्मीयता के साथ बैठकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पसंद, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में पूछा।

उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रतिभा किसी शारीरिक कमी की मोहताज नहीं होती। मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के साथ इंसान अपने हर लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

ब्रेल से पढ़ाई और संगीत के हुनर को भी समझा

पुलिस अधीक्षक ने बच्चों के साथ आए शिक्षकों से भी बातचीत की। उन्होंने जाना कि दृष्टिबाधित बच्चे ब्रेल लिपि के माध्यम से किस तरह पढ़ाई करते हैं और संगीत सहित दूसरे कौशल कैसे सीखते हैं।

शिक्षकों ने उन्हें विशेष शिक्षण पद्धति, ब्रेल लिपि और संगीत प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। एसपी ने शिक्षकों के समर्पण और सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा, अवसर और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

‘नेत्रदान महादान’, किसी की जिंदगी में रोशनी बन सकता है छोटा सा संकल्प

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कहा कि “आंखें ईश्वर का अनमोल उपहार हैं। विश्व दृष्टि दिवस हमें अपनी आंखों की देखभाल करने के साथ-साथ उन लोगों के जीवन में रोशनी लाने का संदेश देता है, जिन्हें दृष्टि की आवश्यकता है। नेत्रदान महादान है। हमारे छोटे से संकल्प से किसी के जीवन में नई रोशनी आ सकती है।”

उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास और प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन का भरोसा दिलाया।

बच्चों को लंच पैकेट, शिक्षकों को शॉल देकर किया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक ने दृष्टिबाधित बच्चों को लंच पैकेट वितरित किए, जबकि उनके गुरुजनों को शॉल देकर सम्मानित किया। बच्चों और शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी, प्रतिसार निरीक्षक वेदमणि मिश्रा समेत पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मार्गदर्शी संस्था के पदाधिकारी, शिक्षक और दृष्टिबाधित बच्चे मौजूद रहे।

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