उत्तर प्रदेश

HIV संक्रमण ने बढ़ाई चिंता: अप्रैल से जून तक 12 नए केस, अलीनगर-कालीमहाल सबसे प्रभावित

NEWS GUURU पीडीडीयू नगर :  नगर और आसपास के क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमण के मामलों में अचानक आई तेजी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2026 के अप्रैल से 19 जून तक कुल 12 नए एचआईवी संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। यह संख्या पिछले दो वर्षों की समान अवधि की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। बढ़ते मामलों ने एचआईवी रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में पांच, मई में चार और जून माह में अब तक तीन नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें अधिकांश लोग रेलवे क्षेत्र और चंदासी कोल मंडी से जुड़े कार्यों में लगे हुए हैं। वर्ष 2024-25 में अप्रैल से जून के बीच केवल तीन और वर्ष 2025-26 में चार संक्रमित मरीज सामने आए थे।

विभागीय अभिलेख बताते हैं कि वर्ष 2014 से मार्च 2026 तक पीडीडीयू नगर और आसपास के क्षेत्रों में कुल 198 एचआईवी संक्रमित मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें 32 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। अब तक छह संक्रमितों की मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में नगर एवं आसपास के 78 मरीजों का उपचार पीपी सेंटर से संचालित किया जा रहा है, जबकि अन्य मरीज जिले के विभिन्न केंद्रों से इलाज ले रहे हैं।

अलीनगर और कालीमहाल में सबसे ज्यादा मरीज

पीपी सेंटर के आंकड़ों के अनुसार नगर क्षेत्र में अलीनगर और कालीमहाल एचआईवी संक्रमण के सबसे अधिक प्रभावित इलाके हैं। दोनों क्षेत्रों में 15-15 संक्रमित मरीज दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा हनुमानपुर और हिनौली में 8-8, शाहकुटी में 8, दुलहीपुर में 5, चंदासी और रेवसा में 4-4 तथा अन्य क्षेत्रों में भी संक्रमित मरीज पाए गए हैं।

लगातार बढ़ रही जांच, बढ़ रहे संक्रमित भी

एचआईवी जांच के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों में जांच का दायरा बढ़ा है। वर्ष 2025-26 में 7820 लोगों की जांच में 31 संक्रमित मिले, जबकि वर्ष 2024-25 में 6979 जांचों में 24 संक्रमित पाए गए थे। इससे यह स्पष्ट है कि संक्रमण की पहचान बढ़ी है, लेकिन संक्रमण के नए मामलों में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का मानना है कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरूकता, नियमित जांच और सुरक्षित व्यवहार सबसे जरूरी हैं। समय पर जांच और उपचार से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है तथा संक्रमण के प्रसार को भी रोका जा सकता है।

पीपी सेंटर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि एचआईवी संक्रमण को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। संक्रमित मरीजों को आवश्यक दवाएं और उपचार निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। अप्रैल, मई और जून 2026 में अब तक कुल 12 नए संक्रमित मरीज मिले हैं, जिनकी नियमित निगरानी की जा रही है।

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